पांचना बांध आंदोलन के बीच करौली में इंटरनेट बंद, वीडियो में जाने सवाई माधोपुर की 3 तहसीलों में भी पाबंदी; सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस सख्त
राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। जिले में रात 12 बजे से इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की तीन तहसीलों गंगापुर सिटी, बामनवास और वजीरपुर में भी इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहों व भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है।
पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन
दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कमांड एरिया तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई थी। इसके विरोध में करौली और सवाई माधोपुर जिले के कई गांवों में किसानों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और कई प्रमुख रास्तों को भी बंद कर दिया था। इससे यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियां सामने आईं, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो समुदायों से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है और माहौल बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री साझा करने या कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की नजर स्थिति पर
फिलहाल करौली और सवाई माधोपुर के प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और लोगों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।पांचना बांध से जुड़े पानी के मुद्दे को लेकर किसानों की मांगों और प्रशासन के बीच बातचीत जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आंदोलन को लेकर आगे क्या समाधान निकलता है।

