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सवाई माधोपुर में भाजपा नेताओं और सीओ के विवाद ने पकड़ा तूल, वीडियो में जाने सर्व समाज ने पुलिस के समर्थन में किया प्रदर्शन

सवाई माधोपुर में भाजपा नेताओं और सीओ के विवाद ने पकड़ा तूल, वीडियो में जाने सर्व समाज ने पुलिस के समर्थन में किया प्रदर्शन

सवाई माधोपुर में नगर परिषद उपसभापति चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं और सीओ सिटी के बीच हुए विवाद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को सर्व समाज की ओर से पुलिस के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कानाराम को ज्ञापन सौंपकर मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। सर्व समाज प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि उपसभापति चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से पुलिस अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के समर्थन में किया प्रदर्शन

बुधवार को सर्व समाज के लोग पुलिस के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और कलेक्टर कानाराम को ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बंशीलाल मीणा ने आरोप लगाया कि नगर परिषद उपसभापति चुनाव के दौरान सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए डीएसपी रैंक के अधिकारी के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस अधिकारी के सम्मान और विभाग के मनोबल को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई होनी चाहिए।

मतदान केंद्र के अंदर जाने को लेकर हुआ विवाद

बंशीलाल मीणा के अनुसार, भाजपा नेता पुलिस को चुनौती देते हुए मतदान केंद्र के अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान सीओ सिटी राजेंद्र सिंह मीणा और भाजपा चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत के बीच तीखी नोकझोंक हुई।प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पुलिस अधिकारी के साथ विवाद की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

एफआईआर दर्ज करने की मांग

सर्व समाज प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले में कार्रवाई करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।बंशीलाल मीणा ने कहा कि यदि डीएसपी रैंक के अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है तो छोटे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा, यह भी विचार का विषय है।

मामले को लेकर बढ़ा विवाद

नगर परिषद उपसभापति चुनाव के दौरान हुई नोकझोंक के बाद अब मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। एक ओर सर्व समाज ने पुलिस के समर्थन में प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।फिलहाल प्रतिनिधिमंडल की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित भाजपा नेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही विवाद से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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