राजस्थान के मौसम में अब बड़े बदलाव का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश में सर्दी का असर लगभग खत्म हो गया है और अब सुबह और देर शाम को ही हल्की ठंड महसूस हो रही है। वहीं, दोपहर में दिन का तापमान लगातार बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को अभी से गर्मी का एहसास होने लगा है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 27 से ज्यादा जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इन जिलों में अजमेर, अलवर, पिलानी, जोधपुर, फलौदी, बीकानेर और चूरू शामिल हैं। राजधानी जयपुर में भी मंगलवार को लोगों को सूरज की तल्खी और तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। यहां का पारा 30.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सर्दियों के खत्म होने और गर्मियों की शुरुआत का संकेत है। आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में मौसम सूखा रहने की संभावना है, यानी बारिश की उम्मीद फिलहाल कम है।
राजस्थान के लोग अब दोपहर के समय धूप से बचाव और पर्याप्त पानी पीने पर ध्यान दें, क्योंकि तेज गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में घर के अंदर रहना चाहिए और धूप में कम से कम निकलना चाहिए।
पश्चिमी राजस्थान के जिलों में तापमान का लगातार बढ़ना यह संकेत देता है कि रेगिस्तानी इलाके इस साल गर्मी की शुरुआत में ही पारा बढ़ने के असर का सामना कर रहे हैं। वहीं पूर्वी और मध्य राजस्थान के जिलों में भी दिन का तापमान सामान्य से अधिक हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने के साथ धूप तेज और हवा गर्म रहने की संभावना है। यह स्थिति सूर्य की तीव्रता और शुष्क मौसम के कारण बनी है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में सुरक्षित ड्रिंकिंग पानी, हल्का भोजन और हल्के कपड़े पहनने पर ध्यान दें। इसके अलावा, घरों और कार्यस्थलों में पंखे और कूलर का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।
इस प्रकार, राजस्थान में सर्दी का प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त हो गया है और प्रदेश गर्मी के दौर की ओर बढ़ रहा है। लोगों को अब अपने दैनिक जीवन में धूप, गर्म हवा और बढ़ते तापमान के अनुसार सावधानी बरतनी होगी।
राजस्थान के मौसम में यह बदलाव न केवल जनजीवन पर असर डाल रहा है, बल्कि कृषि, पशुपालन और अन्य क्षेत्रीय गतिविधियों में भी तापमान की बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में प्रशासन और आम जनता दोनों को गर्मी के प्रभाव से सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी।

