जयपुर में इंस्टाग्राम फ्रेंड ने नाबालिग छात्रा को किया ब्लैकमेल, घर से लाखों के गहने चोरी करवाने का आरोप
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोशल मीडिया दोस्ती के जरिए एक नाबालिग छात्रा को जाल में फंसाकर लाखों रुपए कीमत के गहने हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इंस्टाग्राम पर बने दोस्त ने पैसों की जरूरत बताकर छात्रा को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया और उसे अपने ही घर से गहने चोरी करने के लिए मजबूर कर दिया।
मामले में नाबालिग छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी युवक की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
इमोशनल ब्लैकमेल कर मांगे थे गहने
पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्रा के परिवार ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी एक निजी स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ती है। इसी दौरान उसकी इंस्टाग्राम पर एक युवक से दोस्ती हुई।
आरोप है कि युवक ने छात्रा से अपनी आर्थिक परेशानी बताई और पैसों की जरूरत का हवाला देकर उसे भावनात्मक रूप से परेशान करने लगा। धीरे-धीरे उसने छात्रा पर दबाव बनाया और घर में रखे गहने लाने के लिए तैयार कर लिया।
लॉकर से गायब मिले लाखों के गहने
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 15 जुलाई को एक कार्यक्रम में जाने के लिए उन्होंने अलमारी में रखे गहनों को संभालकर देखा। इस दौरान लॉकर में रखे गहने गायब मिले।
जब उन्होंने पति से गहनों के बारे में पूछा तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी से पूछताछ की, लेकिन पहले तो उसने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
डर के बाद छात्रा ने बताई पूरी बात
परिवार के डर और पूछताछ के बाद नाबालिग छात्रा ने पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि इंस्टाग्राम दोस्त के कहने पर उसने घर से गहने निकालकर उसे दे दिए थे।
इसके बाद परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी को तलाश रही पुलिस
पुलिस अब आरोपी युवक के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय बच्चों और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर नाबालिगों को ऑनलाइन फ्रॉड और भावनात्मक शोषण से बचाने के लिए निगरानी और जागरूकता बेहद जरूरी है।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती में सावधानी बरतना कितना जरूरी है, क्योंकि अपराधी कई बार भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।

