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पश्चिमी विक्षोभ का असर: कोटा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया

पश्चिमी विक्षोभ का असर: कोटा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कोटा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और चने के आकार के ओले गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इस वजह से किसानों की फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने 2-3 फरवरी के लिए कई जिलों में यलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

स्थानीय किसानों ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में पौधों की बालियां टूट गई हैं और कुछ जगहों पर फसल जलमग्न हो गई। किसान चिंतित हैं कि यदि इसी तरह की बारिश लगातार हुई तो फसल का उत्पादन घट सकता है और आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय है और इसके चलते आने वाले 2-3 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर सभी जिलों के नागरिकों और किसानों से सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि विशेषकर सरसों और गेहूं की फसलों के लिए खतरनाक होती है। इससे पौधों की बालियां टूट सकती हैं और फल या दाने खराब हो सकते हैं। किसानों को अपने खेतों में नुकसान को कम करने के लिए तात्कालिक उपाय करने की सलाह दी जाती है, जैसे कि प्लास्टिक ढकाव या अन्य अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था।

स्थानीय प्रशासन ने भी किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों से फसल की स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर मदद पहुंचाई जाएगी। साथ ही, लोगों को सड़क पर सतर्क रहने और पानी जमा होने वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश और ओले गिरने के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई है। हालांकि यह ठंडक लोगों को राहत देती है, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय बनी हुई है। बाजार और हाट में भी बारिश के चलते सब्जियों और अन्य फसलों की बिक्री प्रभावित हुई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का यह दौर अल्पकालिक है और 3 फरवरी के बाद मौसम में सामान्य परिस्थितियां लौट सकती हैं। लेकिन इस बीच किसानों और नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कोटा और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना यह दिखाती है कि मौसम की अचानक变化 और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति किसान और प्रशासन दोनों को हमेशा तैयार रहना चाहिए। अधिकारियों ने भी चेताया है कि आने वाले 24-48 घंटों में मौसम की निगरानी लगातार की जाएगी।

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