अवैध खनन के गड्ढे ने ली दो मासूमों की जान: एक का पैर फिसला, बचाने कूदा चचेरा भाई भी डूबा; एक घंटे बाद मिले शव
अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे ने दो चचेरे भाइयों की जिंदगी छीन ली। दिल दहला देने वाली इस घटना में पहले एक किशोर का पैर फिसलने से वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए दूसरा चचेरा भाई भी बिना कुछ सोचे-समझे पानी में कूद पड़ा, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूब गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों और राहत दल ने दोनों के शव बाहर निकाले। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, दोनों चचेरे भाई गांव के पास स्थित उस क्षेत्र में गए थे, जहां अवैध खनन के कारण बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी भर जाने से ये गड्ढे तालाब जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी गहराई काफी ज्यादा होती है, जिससे वे बेहद खतरनाक बन जाते हैं।
एक को बचाने में गई दूसरे की भी जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गड्ढे के किनारे चलते समय एक किशोर का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। उसे डूबता देख दूसरा चचेरा भाई तुरंत मदद के लिए पानी में कूद गया। हालांकि, वह भी गहराई और पानी के तेज बहाव के कारण खुद को संभाल नहीं सका। देखते ही देखते दोनों पानी में डूब गए।
एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन को भी सूचना दी गई। स्थानीय लोगों और राहत दल ने करीब एक घंटे तक तलाश अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए। शव बाहर आते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिवार में मचा कोहराम
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि यदि अवैध खनन के बाद बने गड्ढों को समय रहते भर दिया जाता या उनके आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए जाते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे लंबे समय से हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीणों ने ऐसे गड्ढों को तत्काल भरने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने भी घटना की जानकारी जुटाते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर अवैध खनन के गंभीर दुष्परिणामों को सामने लाता है। दो चचेरे भाइयों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर सख्ती और सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

