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निकाय चुनाव में पोस्टर-बैनर नहीं हटाए तो पड़ेगा भारी, वीडियो में देंखे खर्च में जुड़ेंगे पैसे; ज्यादा खर्च पर अगले चुनाव से हो सकते हैं बैन

निकाय चुनाव में पोस्टर-बैनर नहीं हटाए तो पड़ेगा भारी, वीडियो में देंखे खर्च में जुड़ेंगे पैसे; ज्यादा खर्च पर अगले चुनाव से हो सकते हैं बैन

राजस्थान में निकाय चुनाव के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टर, बैनर और होर्डिंग प्रत्याशियों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक जगहों से प्रचार सामग्री नहीं हटाने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हटाई गई प्रचार सामग्री का खर्च संबंधित प्रत्याशी के कुल चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। यदि चुनावी खर्च निर्धारित सीमा से अधिक हुआ तो प्रत्याशी को अगले चुनाव से अयोग्य या प्रतिबंधित किए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है।

सार्वजनिक जगहों पर प्रचार सामग्री लगाना नियमों का उल्लंघन

प्रदेश में निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही 19 अगस्त से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर सार्वजनिक स्थलों से अवैध पोस्टर, बैनर और होर्डिंग हटाने का अभियान शुरू किया गया।इसके बावजूद कई प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की ओर से सड़कों, गलियों, चौराहों और सरकारी भवनों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आयोग ने इसे आदर्श आचार संहिता के साथ-साथ राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2006 का उल्लंघन माना है।

सवा लाख से ज्यादा पोस्टर-बैनर हटाए

चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेशभर में अवैध प्रचार सामग्री हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अब तक सवा लाख से ज्यादा पोस्टर, बैनर और होर्डिंग हटाए जा चुके हैं।आयोग के मुताबिक, यह अभियान चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। सार्वजनिक संपत्तियों और स्थानों को प्रचार सामग्री से गंदा करने या विरूपित करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जुड़ेगा हटाने का खर्च

आयोग के निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी प्रत्याशी की प्रचार सामग्री सार्वजनिक स्थान पर पाई जाती है और उसे प्रशासन की ओर से हटाया जाता है तो उस कार्रवाई में आने वाला खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्च में जोड़ा जा सकता है।इसका सीधा असर प्रत्याशी की निर्धारित चुनावी खर्च सीमा पर पड़ेगा। यदि प्रचार सामग्री हटाने का खर्च जोड़ने के बाद प्रत्याशी का कुल चुनावी खर्च निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

ज्यादा चुनावी खर्च पर अगले चुनाव से हो सकता है प्रतिबंध

चुनाव आयोग की ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्धारित सीमा से अधिक चुनावी खर्च होने पर प्रत्याशी को भविष्य के चुनाव में प्रतिबंध या अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री लगाने या लगी हुई सामग्री को समय पर हटाना जरूरी हो गया है।आयोग लगातार जिला निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। सार्वजनिक स्थानों को पोस्टर-बैनर से मुक्त रखने के साथ ही आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी भी की जा रही है।

राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को निर्देश

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से आचार संहिता का पालन करने की अपील की है। सड़कों, गलियों, चौराहों और सरकारी भवनों जैसी जगहों पर प्रचार सामग्री लगाकर सार्वजनिक संपत्ति को खराब करने पर कार्रवाई की जाएगी।ऐसे में निकाय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए पोस्टर-बैनर का प्रचार केवल राजनीतिक संदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर उनके चुनावी खर्च और भविष्य की चुनावी पात्रता पर भी पड़ सकता है।

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