राजस्थान के हाड़ौती में भारी बारिश का कहर, 12 इंच तक बरसा पानी; नदियां उफान पर, बांधों के गेट खोले
राजस्थान में मानसून की सक्रियता के बीच हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में कई स्थानों पर 6 से 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। खासकर झालावाड़ जिले में कई नदियां उफान पर हैं और जलस्तर बढ़ने के कारण बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
झालावाड़ में नदियां उफान पर
हाड़ौती में सबसे ज्यादा असर झालावाड़ जिले में देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश के चलते जिले से गुजरने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगहों पर नदी-नालों में तेज बहाव के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बांधों में पानी की आवक बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने पर कई बांधों के गेट खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है।
कोटा, बारां और बूंदी में भी असर
कोटा, बारां और बूंदी जिलों में भी भारी बारिश का असर दिखाई दिया है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बनी है।
बारिश के कारण कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और स्थानीय टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
6 से 12 इंच तक बारिश
हाड़ौती के अलग-अलग हिस्सों में 6 से 12 इंच तक बारिश रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। इतनी अधिक बारिश के कारण जलाशयों में तेजी से पानी पहुंच रहा है। इसका सीधा असर नदियों और बांधों के जलस्तर पर पड़ा है।
बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों और तेज बहाव वाले रपटों को पार करने की कोशिश न करें।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जल संसाधन विभाग बांधों के जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर और बांधों से पानी की निकासी की जा सकती है।
मानसून की सक्रियता के बीच आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। खासकर नदी, नाले और बांध के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

