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राजस्थान में तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, मौसम पर मौसम विभाग की चेतावनी

राजस्थान में तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, मौसम पर मौसम विभाग की चेतावनी

राजस्थान के कई जिलों में बुधवार को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों में रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने भविष्य के लिए भी अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जानकारी के अनुसार, जिले के सीमावर्ती और मध्यवर्ती क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। इसके चलते कई खेतों में सरसों, गेहूं और चना जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से कई खेतों की फसलें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

मौसम विज्ञानियों ने बताया कि उत्तर-पूर्व दिशा से 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे फसलों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में बिजली, पेड़-पौधे और छोटी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग ने किसानों को राहत उपायों के बारे में सूचित किया है। अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए दावा किया जा सकता है। इसके अलावा, स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन कर उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मौसम विभाग ने आगामी दो दिन के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे खुले में न रहें और खेतों में फसलों की देखभाल करते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय राजस्थान में मौसम अत्यंत अस्थिर है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल नुकसान का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने किसानों से कहा कि फसलों की रक्षा के लिए तुरंत सुरक्षा उपाय अपनाएं और बीमा संबंधी प्रक्रिया पूरी करें।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल भी रबी फसलों को मौसम की अनिश्चितताओं से नुकसान हुआ था। इस वर्ष भी तेज बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कुछ किसानों ने कहा कि यदि मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दिया जाता, तो नुकसान कम किया जा सकता था।

मौसम विशेषज्ञों ने आगे बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसलिए फसलों और ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि संभव हो तो फसल कटाई और संरक्षण के लिए त्वरित कदम उठाएं।

राजस्थान में इस समय तेज बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल कृषि पर असर डाला है, बल्कि शहरों और ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी और सरकार की तैयारियों से उम्मीद है कि नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा।

इस तरह, राज्य में फसलों की सुरक्षा और मौसम की निगरानी अब प्राथमिकता बन गई है। किसानों और आम जनता को सतर्क रहकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

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