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उत्तर और पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का कहर, कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी

उत्तर और पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का कहर, कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट जारी

देश के कई हिस्सों में गर्मी ने इस बार समय से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में पिछले पांच दिनों से तापमान लगातार 40°C से 45°C के बीच बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है और मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में सक्रिय शुष्क हवाओं और कम नमी के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि जरूरी कामों के लिए ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।

राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44°C से ऊपर पहुंच चुका है। वहीं, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया है। पंजाब और चंडीगढ़ में भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।

पूर्वी भारत के राज्यों जैसे ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। हालांकि समुद्री नमी के कारण वहां कुछ जगहों पर हल्की राहत मिल रही है, लेकिन तापमान अभी भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।

महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अंदरूनी इलाकों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई जगहों पर लू के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक स्थिति में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के व ढीले कपड़े पहनें।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि लगातार संपर्क में रहने से लू लगने का खतरा अधिक होता है।

प्रशासन की ओर से भी कई राज्यों में हीटवेव से निपटने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

इस बढ़ती गर्मी ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यदि बारिश या किसी मौसमीय बदलाव की स्थिति नहीं बनती है तो गर्मी और अधिक विकराल रूप ले सकती है।

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