राजस्थान विधानसभा के मंगलवार, 24 फरवरी के प्रश्नकाल में परबतसर क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर सदन में कड़ी बहस हुई। विपक्ष ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में अधिकृत शराब दुकानों और अवैध शराब मामलों के आंकड़ों के आधार पर सरकार से जवाब मांगा और कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल उठाए।
परबतसर से विधायक रामनिवास गावड़िया ने सदन में पूछा कि उनके क्षेत्र में संचालित शराब दुकानों से जुड़े मामलों का विस्तृत ब्योरा क्या है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पिछले दो वर्षों में कितने अवैध शराब प्रकरण दर्ज किए गए और कितने लाइसेंस रद्द किए गए।
विधायक का कहना था कि क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और लाइसेंस की अनियमितताओं को लेकर नागरिकों में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की मांग की, ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
विपक्ष ने इस दौरान यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने रैगुलर इंस्पेक्शन और छापेमारी के जरिए अवैध शराब कारोबार को नियंत्रित करने में पर्याप्त प्रयास किए हैं। सदन में यह मुद्दा सामाजिक और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया।
सरकार ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि अवैध शराब से जुड़ी जांच और कार्रवाई निरंतर जारी है और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध शराब दुकानों की निगरानी बढ़ाई जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सदन में इस बहस के दौरान यह संदेश गया कि राजस्थान सरकार अवैध शराब कारोबार को लेकर गंभीर है और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और कार्रवाई दोनों बढ़ाई जा रही हैं।

