कांग्रेस में पंचायत चुनाव को लेकर तीखी नोकझोंक, डोटासरा-मदन दिलावर के बीच बहस
राजस्थान कांग्रेस में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर हाल ही में जोरदार बहस और तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी इसे शांत कराने में जुट गए।
सूत्रों के अनुसार, यह बहस मुख्य रूप से चुनाव रणनीति और उम्मीदवार चयन को लेकर हुई। डोटासरा ने पार्टी के चुनावी दृष्टिकोण और उम्मीदवारों के चयन में अपनी प्राथमिकताओं पर जोर दिया, जबकि मंत्री दिलावर ने विभिन्न जिलों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांगों और सुझावों को लेकर अलग राय व्यक्त की।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी इस बहस में कूद पड़े। उन्होंने डोटासरा और दिलावर दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की और यह कहा कि पार्टी की एकजुटता और लोकहित को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय करनी चाहिए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान कांग्रेस में इस तरह की बहस आम है, खासकर जब पंचायत चुनाव जैसे महत्वपूर्ण चुनाव की तैयारी चल रही हो। हालांकि, पार्टी नेतृत्व को इस तरह की अंदरूनी विवादों को जनता के सामने आने से रोकने की चुनौती बनी रहती है।
इस मामले पर पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि डोटासरा और दिलावर दोनों का उद्देश्य पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है, लेकिन मतभेद के कारण बहस तीखी हो गई। पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन नेताओं के बीच हुई यह नोकझोंक अंततः रणनीतिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की बहस कभी-कभी रणनीति और स्थानीय दबाव का संकेत होती है। पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि मतभेद पार्टी की छवि और चुनावी तैयारी पर न पड़ें।
अंततः, राजस्थान कांग्रेस में पंचायत चुनाव को लेकर डोटासरा और मदन दिलावर के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने पार्टी के भीतर रणनीतिक चर्चाओं और गहन विचार-विमर्श को उजागर किया है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के मध्यस्थता प्रयास के बाद विवाद फिलहाल शांत हुआ है, लेकिन आगामी चुनावी रणनीतियों पर इसका असर अभी भी देखा जाना बाकी है।

