राजस्थान में गर्मी की लहर: जैसलमेर में तापमान 38°C तक पहुंचा, वीडियो में देंखे पश्चिमी राजस्थान के लिए यलो अलर्ट जारी
राजस्थान में मौसम लगातार गर्म होता जा रहा है और दिन का तापमान सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। शुक्रवार को जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे स्थानीय लोगों को पहले ही गर्मी की शुरुआत महसूस हो रही है।
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह के लिए पश्चिमी राजस्थान में तेज हीटवेव की संभावना जताई है और 9 और 10 मार्च के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह में पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बने एंटी साइक्लोन सिस्टम के कारण यह गर्मी असामान्य रूप से जल्दी शुरू हुई है। यह सिस्टम लंबे समय से एक्टिव है और इसके असर से राजस्थान के अलावा गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी सामान्य से पहले ही गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों ने कहा कि एंटी साइक्लोन सिस्टम हवा के सामान्य प्रवाह को प्रभावित करता है, जिससे पश्चिमी राजस्थान में सूखी और गर्म हवा बनी रहती है। इसके परिणामस्वरूप दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा है और रात का तापमान भी अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है।
लोकल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी में पानी का पर्याप्त सेवन करें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और दोपहर के समय सीधा धूप में निकलने से बचें। साथ ही, बाहर काम करने वाले मजदूर और किसान सावधानी बरतें और ज्यादा गर्मी से बचने के लिए आवश्यक उपाय करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च और अप्रैल में राजस्थान में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार यह सामान्य समय से पहले तेज शुरुआत कर रही है। जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ के अलावा पश्चिमी राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
इस समय गर्मी की तेज लहर से खेतों, पशुपालन और स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। तापमान के बढ़ने से पानी की मांग बढ़ गई है और उपभोक्ताओं के लिए पानी की उपलब्धता चुनौती बन सकती है।
संक्षेप में, राजस्थान में गर्मी की लहर अब तेज हो गई है। जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में तापमान 38°C तक पहुंच गया है, और पश्चिमी राजस्थान के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। अरब सागर में सक्रिय एंटी साइक्लोन सिस्टम और सामान्य से पहले गर्मी के कारण विशेषज्ञ और प्रशासन दोनों सतर्क हैं।

