पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में गर्मी में राहत, अधिकतम तापमान 40°C से नीचे रहने का अनुमान
राजस्थान में अगले सप्ताह मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को जानकारी दी कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है। इससे गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के प्रमुख शहरों और जिलों में अधिकतम तापमान निम्न रहा। बाड़मेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 38.8 डिग्री, फलोदी में 38.4 डिग्री, जैसलमेर में 37.6 डिग्री, बीकानेर में 36.3 डिग्री और चुरू में 35.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। विभाग ने यह भी बताया कि इन तापमानों के आंकड़े अगले सप्ताह भी इसी सीमा के आसपास रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, जो मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर सक्रिय होता है, गर्मी के प्रकोप को कुछ हद तक कम कर सकता है। इसके प्रभाव से दिन के समय तापमान में गिरावट आती है और शाम के समय मौसम सुहावना बन जाता है। हालांकि, रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं देखने को मिलेगा।
राजस्थान के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गर्मियों का प्रकोप अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को गर्मी से गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना राहत की खबर साबित हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे इस समय भी गर्मियों से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं और धूप में लंबा समय न बिताएं।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी कि हालांकि अधिकतम तापमान कम रहेगा, लेकिन अचानक आंधी-तूफान या गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे मौसम में किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह के दौरान विशेषकर पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बारिश या गरज के साथ बिजली गिरने की घटनाओं पर नजर रखी जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 7-10 दिनों तक जारी रह सकता है। इसके परिणामस्वरूप राजस्थान के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहेगा और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा। इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में कमी आने की संभावना है, विशेषकर बुजुर्ग और बच्चों के लिए।
सरकारी और स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को गर्मी और अचानक मौसम में बदलाव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने विशेष रूप से बिजली गिरने, तेज हवाओं और अचानक बारिश से सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी।
राजस्थान में मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान राज्यवासियों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। इस बार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गर्मी के प्रकोप में कमी आएगी और लोग गर्मियों में कुछ हद तक आराम महसूस कर सकेंगे।

