त्योहारों से पहले सक्रिय हुआ स्वास्थ्य महकमा, होली को देखते हुए खाद्य नमूनों की जांच शुरू
त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में होली के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाजारों और दुकानों से खाद्य नमूने एकत्र कर उनकी जांच में जुट गई हैं।
होली का त्योहार नजदीक होने के कारण बाजारों में मिठाइयों, नमकीन, रंग-बिरंगे खाद्य पदार्थों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की संभावना भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि विभाग केवल त्योहारों के समय ही सक्रिय होता है, जबकि पूरे साल खाद्य पदार्थों में मिलावट पर ध्यान नहीं दिया जाता। उनका मानना है कि यदि नियमित रूप से जांच और कार्रवाई की जाए, तो मिलावटखोरी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि केवल त्योहारों के समय की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पूरे वर्ष निगरानी और नियमित जांच आवश्यक है। इससे न केवल मिलावट पर रोक लगेगी, बल्कि आम जनता का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
फिलहाल, होली के मद्देनजर चलाए जा रहे इस अभियान से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। वहीं, आम जनता उम्मीद कर रही है कि इस बार उन्हें शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। अब देखना यह होगा कि यह अभियान कितना प्रभावी साबित होता है और मिलावट पर कितनी रोक लग पाती है।

