हनुमानगढ़ पुलिस ने दिखाया मानवीय चेहरा, सफाईकर्मी की पुत्री के विवाह पर दिया आर्थिक सहयोग
हनुमानगढ़ में पुलिस ने एक बार फिर सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की। जिले के डीएसपी कार्यालय और जंक्शन थाना में कार्यरत सफाईकर्मी धीरज कुमार की पुत्री पूजा के विवाह के अवसर पर पुलिस परिवार ने एकजुट होकर उन्हें ‘भाई’ बनकर मायरा भरा और आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
घटना के बारे में स्थानीय सूत्रों ने बताया कि धीरज कुमार लंबे समय से जिला पुलिस विभाग के साथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपने कर्तव्य में हमेशा ईमानदारी और समर्पण दिखाया है। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि परिवार के लिए यह खुशी का अवसर और भी यादगार बन सके। उन्होंने न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मदद की, बल्कि आर्थिक रूप से भी सहयोग प्रदान किया।
इस पहल से पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद और भरोसा स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस सिर्फ कानून और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर स्तर में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तैयार है।
इस अवसर पर डीएसपी कार्यालय और जंक्शन थाना के अधिकारियों ने धीरज कुमार और उनके परिवार के साथ विवाह समारोह में भाग लिया। अधिकारियों ने परिवार को शुभकामनाएं दी और कहा कि पुलिस विभाग हमेशा अपने कर्मियों और उनके परिवारों के साथ खड़ा रहेगा। इस पहल से यह संदेश भी गया कि छोटे से छोटे कर्मचारी और उनके परिवार भी पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और उनके सुख-दुख में विभाग हमेशा साथ है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी इस कदम की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह की मानवीय पहल समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देती है। पुलिस विभाग द्वारा इस तरह की पहल भविष्य में अन्य सामाजिक आयोजनों और जरूरतों में भी प्रेरणा का काम करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस के ऐसे मानवीय कदम से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। यह न केवल पुलिस और नागरिकों के बीच भरोसा बढ़ाता है, बल्कि छोटे कर्मचारियों के मनोबल को भी ऊँचा करता है। साथ ही, यह पहल यह दिखाती है कि समाज में हर स्तर पर मानवीय संवेदनाओं का सम्मान करना कितना महत्वपूर्ण है।
धीरज कुमार की पुत्री पूजा के विवाह समारोह को सफल और यादगार बनाने के लिए पुलिस ने हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया। शादी में विभागीय सहयोग, आर्थिक सहायता और सामूहिक भागीदारी ने पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी ला दी। इस मौके पर मौजूद लोग और अधिकारी भावुक भी नजर आए और उन्होंने परिवार को आने वाले समय के लिए शुभकामनाएं दी।
इस प्रकार, हनुमानगढ़ पुलिस ने सिर्फ कानून और सुरक्षा का काम नहीं किया, बल्कि समाज में मानवता और संवेदनशीलता की भी मिसाल पेश की। धीरज कुमार और उनके परिवार के लिए यह सहयोग न केवल विवाह समारोह को यादगार बनाता है, बल्कि यह एक प्रेरक उदाहरण भी है कि कैसे प्रशासनिक संस्थाएं अपने कर्मचारियों और समाज के प्रति सच्ची जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

