भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में भक्ति, उल्लास और धार्मिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा।
शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान हनुमान की आराधना कर सुख-समृद्धि, शांति और समृद्ध जीवन की कामना की। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक और दिव्य बन गया।
इस अवसर पर कई स्थानों पर सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालु पूरे दिन भक्ति में लीन रहे और मंदिरों में प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता रहा। कई सामाजिक संगठनों द्वारा भी भंडारों का आयोजन कर लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से शोभायात्राएं भी निकाली गईं, जिनमें सजीव झांकियां, धार्मिक ध्वज और भजन मंडलियों ने आकर्षण का केंद्र बनाया। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए इन यात्राओं में शामिल हुए, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
धार्मिक जानकारों के अनुसार, यह पर्व शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देता है।
पूरे दिन चले इस धार्मिक आयोजन के बाद शाम को मंदिरों में विशेष आरती के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और भक्ति भाव के साथ इस पावन दिन को मनाया।

