जयपुर पहुंची ‘हनुमान अंश’ की टीम, डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी बोले- दो हफ्तों में फ्लॉप कह रहे थे, फुटेज में देंखे आज 700 स्क्रीन पर चल रही फिल्म
नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में है। फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी और स्टारकास्ट जयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शकों के साथ मुलाकात की और फिल्म को लेकर अपना अनुभव साझा किया। टीम ने जयपुर के ईपी मिराज में फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।फिल्म की टीम के जयपुर पहुंचने पर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलाकारों ने दर्शकों से फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया के बारे में बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म के सफर को लेकर कई अहम बातें बताईं।
शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म को बताया गया फ्लॉप
डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि फिल्म के रिलीज होने के बाद शुरुआती दो सप्ताह उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि उस समय कुछ लोगों ने फिल्म को फ्लॉप तक कहना शुरू कर दिया था।हालांकि फिल्म की टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और दर्शकों तक फिल्म का संदेश पहुंचाने पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे दर्शकों की प्रतिक्रिया बदलने लगी और फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ती गई।विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जिस फिल्म को शुरुआती दौर में फ्लॉप कहा जा रहा था, वही अब देशभर में करीब 700 स्क्रीन पर प्रदर्शित हो रही है।
नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित कहानी
‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों से प्रेरित है। फिल्म में उनके जीवन, विचारों और मानवता से जुड़े संदेशों को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।नीम करोली बाबा को उनके अनुयायी हनुमान भक्त और आध्यात्मिक गुरु के रूप में मानते हैं। उनके संदेशों में सेवा, प्रेम, करुणा और ईश्वर के प्रति समर्पण जैसे विचारों को विशेष महत्व दिया गया है। फिल्म की टीम का प्रयास इन विचारों को सिनेमाई रूप में दर्शकों तक पहुंचाना है।
जयपुर में दर्शकों से मिले कलाकार
जयपुर पहुंची फिल्म की टीम ने ईपी मिराज में दर्शकों से मुलाकात की। फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने कलाकारों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। कलाकारों ने भी फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और दर्शकों की प्रतिक्रिया को उत्साहजनक बताया।टीम ने कहा कि किसी फिल्म के लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। जब दर्शक कहानी और उसके संदेश से जुड़ते हैं तो फिल्म को आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
‘फ्लॉप’ से 700 स्क्रीन तक का सफर
डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक फिल्म की शुरुआती यात्रा आसान नहीं थी। रिलीज के पहले दो सप्ताह में कम प्रतिक्रिया के कारण फिल्म को लेकर नकारात्मक बातें होने लगी थीं। लेकिन इसके बाद फिल्म ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी।अब देशभर में 700 स्क्रीन पर फिल्म का प्रदर्शन होना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। विशाल चतुर्वेदी ने इस बदलाव को दर्शकों के भरोसे और फिल्म के संदेश से जुड़ाव का परिणाम बताया।जयपुर में टीम की मौजूदगी के दौरान कलाकारों ने दर्शकों के साथ समय बिताया। इस दौरान फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह भी देखने को मिला। फिल्म की टीम अब अलग-अलग शहरों में जाकर दर्शकों से सीधे संवाद कर रही है, ताकि फिल्म के संदेश और उसके पीछे की कहानी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

