15 हजार वार्षिक मानदेय पर काम कर रहे ग्राम प्रतिहारी, पूर्णकालिक दर्जा और 16 हजार मासिक वेतन की मांग
बढ़ती महंगाई के बीच राजस्थान में ऐसे कर्मचारी भी कार्यरत हैं, जिन्हें पूरे वर्ष में मात्र 15,000 रुपये मानदेय मिलता है। आज इन कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक तंगी और दयनीय स्थिति को सरकार के सामने रखते हुए राहत की मांग की।
ये कर्मचारी वर्ष 1988 से ग्राम प्रतिहारी के पद पर राजस्व विभाग में कार्यरत बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि तीन दशक से अधिक समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें अल्पकालीन (मानदेय आधारित) कर्मचारी माना जाता है और नियमित वेतन या सुविधाएं नहीं मिलतीं।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें अल्पकालीन से पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही प्रति माह कम से कम 16,000 रुपये वेतन निर्धारित किया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
उनका कहना है कि सालभर में 15,000 रुपये मानदेय में घर चलाना लगभग असंभव है। बढ़ती महंगाई, शिक्षा और चिकित्सा खर्चों के बीच इतनी कम राशि में जीवनयापन करना बेहद कठिन हो गया है।
कर्मचारियों ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।

