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राजस्थान में गैस सप्लाई गड़बड़ाई, वीडियो में देंखे इलेक्ट्रिक चूल्हे-कोयले की मांग बढ़ी; कई जगह होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत

राजस्थान में गैस सप्लाई गड़बड़ाई, वीडियो में देंखे इलेक्ट्रिक चूल्हे-कोयले की मांग बढ़ी; कई जगह होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत

राजस्थान में गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण आम लोगों और कारोबारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। घरेलू गैस की कमी के चलते अब लोग विकल्प तलाशने लगे हैं। बाजार में कोयले, लकड़ी और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार पिछले दो दिनों में इन सामानों की मांग लगभग दोगुनी हो गई है।

दूसरी ओर गैस कंपनियों के तकनीकी सिस्टम में समस्या के कारण उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि भारत गैस का सर्वर ठप होने से बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक सर्वर समस्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इस बीच तेल कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग का समय बढ़ाकर 45 दिन कर दिया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह समय 25 दिन तय किया गया है। इस फैसले के बाद ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि लंबे अंतराल के कारण कई परिवारों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

गैस संकट का असर अब होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखने लगा है। कई जगह गैस का स्टॉक खत्म होने से होटल और ढाबों में कामकाज प्रभावित हो गया है। चित्तौड़गढ़ में कुछ रेस्टोरेंट संचालकों को गैस खत्म होने के कारण अपने प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं और कर्मचारियों को घर भेज दिया गया है।

इसी तरह जैसलमेर के पर्यटन क्षेत्र सम सैंड ड्यून्स में भी स्थिति गंभीर होती जा रही है। यहां करीब 150 रिसोर्ट गैस की कमी के कारण बंद करने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अगर गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो पर्यटन उद्योग पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

राजधानी जयपुर में भी हालात अलग नहीं हैं। यहां चाय की थड़ियों, मिठाई की दुकानों और कई ढाबों पर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह नियमों के खिलाफ है, लेकिन कारोबारी गैस की कमी के कारण मजबूरी में ऐसा करने की बात कह रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। वहीं उपभोक्ताओं को भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ज्यादा खर्च और असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सप्लाई में आई यह बाधा केवल घरेलू उपभोक्ताओं ही नहीं बल्कि होटल, पर्यटन और छोटे व्यवसायों पर भी व्यापक असर डाल रही है। ऐसे में प्रशासन और गैस कंपनियों के लिए आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य करना बड़ी चुनौती बन गया है।

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