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जयपुर में गरबा की धूम, रूस से आईं महिलाएं भी थिरकीं; रानी लक्ष्मीबाई बनकर युवती ने तलवार-ढाल के साथ किया गरबा

जयपुर में गरबा की धूम, रूस से आईं महिलाएं भी थिरकीं; रानी लक्ष्मीबाई बनकर युवती ने तलवार-ढाल के साथ किया गरबा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया की धूम देखने को मिल रही है। पारंपरिक परिधानों और अनोखी वेशभूषा के बीच आयोजित गरबा कार्यक्रम में इस बार विदेशी मेहमान भी आकर्षण का केंद्र बने। रूस से जयपुर आईं महिलाएं गरबा करने पहुंचीं। वहीं, एक युवती रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में नजर आई और उसने तलवार-ढाल के साथ गरबा कर लोगों का ध्यान खींचा। एक युवक हवामहल की आकृति सिर पर पहनकर कार्यक्रम में पहुंचा।

रूस से आईं महिलाएं गरबा के रंग में रंगीं

जयपुर में आयोजित गरबा कार्यक्रम में रूस से आईं महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। भारतीय संस्कृति और नवरात्र के उत्सव के प्रति उनका उत्साह देखने को मिला। गरबा की पारंपरिक धुनों पर प्रतिभागियों ने कदम मिलाए और कार्यक्रम में उत्सवी माहौल बना रहा।

विदेशी महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य नवरात्र के दौरान लोगों को एक साथ जोड़ते हैं। ऐसे आयोजनों में भारतीय लोक संस्कृति और संगीत की झलक देखने को मिलती है।

रानी लक्ष्मीबाई बनकर पहुंची युवती

कार्यक्रम में एक युवती रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा पहनकर पहुंची। उसने तलवार और ढाल के साथ गरबा किया। उसकी प्रस्तुति ने आयोजन में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

रानी लक्ष्मीबाई भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं में प्रमुख स्थान रखती हैं। उनकी वेशभूषा के जरिए युवती ने पारंपरिक गरबा में ऐतिहासिक चरित्र का रंग जोड़ दिया। तलवार-ढाल के साथ नृत्य ने कार्यक्रम को अलग अंदाज दिया।

सिर पर हवामहल की आकृति पहनकर पहुंचा युवक

गरबा कार्यक्रम में एक युवक भी अपनी अनोखी वेशभूषा के कारण चर्चा में रहा। वह सिर पर जयपुर की पहचान हवामहल की आकृति पहनकर पहुंचा। हवामहल गुलाबी नगरी के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है और शहर की वास्तुकला की खास पहचान माना जाता है।

युवक की इस पोशाक ने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को उत्सव से जोड़ने का अनूठा उदाहरण पेश किया। कार्यक्रम में पारंपरिक परिधानों के साथ इस तरह के रचनात्मक प्रयोग लोगों के आकर्षण का केंद्र बने।

गरबा में दिखी संस्कृति और रचनात्मकता

जयपुर में नवरात्र के दौरान गरबा कार्यक्रमों में पारंपरिक पहनावे, संगीत और नृत्य के साथ नए प्रयोग भी देखने को मिल रहे हैं। कहीं ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की वेशभूषा आकर्षण बन रही है, तो कहीं शहर की पहचान को परिधानों के जरिए प्रस्तुत किया जा रहा है।

रूस से आई महिलाओं की भागीदारी और रानी लक्ष्मीबाई तथा हवामहल से प्रेरित वेशभूषा ने इस गरबा आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम ने नवरात्र के उत्साह के साथ जयपुर की सांस्कृतिक पहचान की भी झलक दिखाई।

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