Samachar Nama
×

फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र के सहारे डॉक्टर बनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, धौलपुर से आरोपी गिरफ्तार

फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र के सहारे डॉक्टर बनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, धौलपुर से आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी एफएमजीई (Foreign Medical Graduate Examination) प्रमाण पत्र के जरिए डॉक्टर बनने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने किया है। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोग विदेश से एमबीबीएस करने का दावा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सा पेशे में प्रवेश कर रहे थे।

एसओजी की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी विनय चौहान को बुधवार को धौलपुर शहर से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने का दावा किया था, लेकिन उसके द्वारा प्रस्तुत एफएमजीई प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया। गहन जांच के बाद यह प्रमाण पत्र फर्जी निकला।

अधिकारियों के अनुसार, एफएमजीई परीक्षा वह अनिवार्य परीक्षा होती है जिसे विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए पास करना होता है। इस परीक्षा को पास किए बिना किसी भी विदेशी डिग्री धारक को भारत में चिकित्सा कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाती। ऐसे में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए डॉक्टर बनने की कोशिश गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।

एसओजी की पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो पैसे लेकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करता है और लोगों को डॉक्टर बनने का झांसा देता है। इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और संभावित रूप से विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी विनय चौहान से पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। एसओजी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को इस फर्जीवाड़े के जरिए फायदा पहुंचाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों को भी इस मामले की जानकारी दे दी गई है, ताकि ऐसे फर्जी डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इस घटना के सामने आने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में भी चिंता का माहौल है, क्योंकि इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

एसओजी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Share this story

Tags