शादी के नाम पर ठगी का खुलासा: पुलिस जांच में सामने आया संगठित गिरोह, अविवाहित युवकों को बनाते थे निशाना
एक गंभीर ठगी मामले की जांच में पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि यह पूरा गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था और योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस जांच के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य निशाना ऐसे युवक होते थे जिनकी किसी कारणवश शादी नहीं हो पा रही होती थी। आरोपी पहले ऐसे युवकों की पहचान करते थे और फिर उन्हें शादी का झांसा देकर संपर्क में लेते थे। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उनसे आर्थिक लेन-देन शुरू कराया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खुद को मध्यस्थ, रिश्तेदार या शादी कराने वाले एजेंट के रूप में पेश करते थे। वे परिवारों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास उपयुक्त रिश्ता उपलब्ध है और जल्द ही शादी तय हो सकती है। इसी बहाने वे पीड़ितों से विभिन्न मदों में पैसे वसूलते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पूरी प्रक्रिया को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देता था। पहले सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अविवाहित युवकों की जानकारी जुटाई जाती थी, फिर उन्हें टारगेट कर अलग-अलग बहानों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद फर्जी प्रोफाइल और झूठे रिश्तों का सहारा लेकर उन्हें भ्रमित किया जाता था।
पुलिस का कहना है कि अब तक की पूछताछ में यह साफ हुआ है कि यह कोई सामान्य ठगी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस खुलासे के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। कई पीड़ितों ने आगे आकर अपने साथ हुई ठगी की जानकारी पुलिस को दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पूरे नेटवर्क को जल्द उजागर करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान मैट्रिमोनियल संपर्क या रिश्ते की पुष्टि किए बिना पैसे का लेन-देन न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

