मकराना में फॉर्म-7 फर्जीवाड़े का मामला: कांग्रेस विधायक और संसदीय कार्यमंत्री में विवाद
मकराना विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 में कथित फर्जीवाड़े को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने फॉर्म-7 में गड़बड़ी की बात उठाई और मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इस पर राज्य के संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताई, जिससे विधानसभा में विवाद की स्थिति बन गई।
गैसावत का कहना है कि मकराना क्षेत्र में फॉर्म-7 के कई दस्तावेजों में अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उनके अनुसार, फॉर्म-7 में गड़बड़ी से क्षेत्र के निवासियों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में असर पड़ सकता है।
इस बीच, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विधायक के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना जांच और प्रमाण के आरोप लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जा रही है और किसी भी तरह के व्यक्तिगत आरोप की बजाय तथ्यपूर्ण जानकारी पर ही ध्यान दिया जाना चाहिए।
विधायक और मंत्री के बीच यह तकरार विधानसभा सत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष का कहना है कि फॉर्म-7 में गड़बड़ी की जांच तुरंत होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि सभी आरोपों की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
मकराना विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 फर्जीवाड़े के आरोपों के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चिंता और जिज्ञासा दोनों बनी हुई हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह क्षेत्र में प्रशासनिक पारदर्शिता और लोकहित के मुद्दों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
राजस्थान विधानसभा में इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई पर सभी दलों की नजर बनी हुई है। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने कहा कि वे इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे और जनता के हित में आवश्यक कदम उठाते रहेंगे। दूसरी ओर, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और झूठे आरोपों से बचा जाना चाहिए।
इस प्रकार, मकराना विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 फर्जीवाड़े को लेकर चल रही यह राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और भी गर्माई रह सकती है। सभी दलों की निगाहें अब जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

