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राजस्थान के सरकारी अस्पताल में पहली बार AI-आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट सफल, तीन साल की बच्ची अब सुन सकेगी

राजस्थान के सरकारी अस्पताल में पहली बार AI-आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट सफल, तीन साल की बच्ची अब सुन सकेगी

राजस्थान के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। यहां पहली बार तीन साल की एक बच्ची का AI-आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट सफलतापूर्वक किया गया है। इस ऑपरेशन के बाद अब वह बच्ची सुनने में सक्षम हो सकेगी, जो जन्म से ही सुनने की समस्या से जूझ रही थी।

डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची को जन्म से ही सुनाई नहीं देता था, जिसके कारण उसके बोलने और सामान्य विकास पर भी असर पड़ने की आशंका थी। परिवार ने कई जगह इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन बाद में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर सरकारी अस्पताल में कॉक्लियर इम्प्लांट कराने का फैसला लिया गया।

अस्पताल के ईएनटी (कान-नाक-गला) विभाग की विशेषज्ञ टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से यह ऑपरेशन किया। यह इम्प्लांट सामान्य कॉक्लियर इम्प्लांट से अलग है, क्योंकि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक बाहरी आवाज़ों को बेहतर तरीके से पहचानकर उन्हें स्पष्ट रूप से बच्चे तक पहुंचाने में मदद करती है।

डॉक्टरों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और बच्ची की हालत अब स्थिर है। आने वाले कुछ हफ्तों में उसे विशेष थैरेपी और ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वह आवाज़ों को पहचानना और धीरे-धीरे बोलना भी सीख सकेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय पर ऐसे बच्चों का इलाज हो जाए तो वे सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकते हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सरकारी अस्पताल में इस तरह का AI-आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट पहली बार किया गया है। इस सफलता को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे उन परिवारों को भी उम्मीद मिली है, जिनके बच्चे जन्म से सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं और महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं होता।

डॉक्टरों ने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जो कान के अंदर लगाए जाने के बाद ध्वनि संकेतों को सीधे श्रवण तंत्रिका तक पहुंचाता है। इससे ऐसे बच्चों को सुनने में मदद मिलती है जिनके कान सामान्य हियरिंग एड से लाभ नहीं ले पाते।

बच्ची के परिवार ने भी ऑपरेशन की सफलता पर डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी अब सामान्य बच्चों की तरह सुन और बोल सकेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से सरकारी अस्पतालों में भी अब जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। इससे राज्य में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

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