जयपुर में रावत मिष्ठान भंडार की दो दुकानों पर फूड सेफ्टी टीम का छापा, चॉकलेट-बेकरी आइटम में मिले कीड़े और मक्खियां
जयपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर फूड सेफ्टी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने रावत मिष्ठान भंडार की अजमेर रोड और नारायण सिंह सर्किल स्थित दुकानों पर छापा मारा। जांच के दौरान चॉकलेट और बेकरी आइटम में कीड़े और मक्खियां मिलने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा पैकिंग पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट भी दर्ज नहीं थी।
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, चॉकलेट और बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही लोगों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए फूड सेफ्टी टीम ने दोनों दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच की।
चॉकलेट और बेकरी उत्पादों में मिली गंदगी
जांच के दौरान टीम को चॉकलेट और बेकरी आइटम में कीड़े और मक्खियां मिलीं। खाद्य पदार्थों में इस तरह की स्थिति मिलने से उनकी स्वच्छता और सुरक्षित रखरखाव पर सवाल खड़े हो गए। खाद्य उत्पादों को तैयार करने, रखने और ग्राहकों तक पहुंचाने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी होता है।
खाद्य पदार्थों में कीड़े या मक्खियां मिलने से उनके दूषित होने की आशंका रहती है। ऐसे उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी है कि वे उत्पादों को साफ और सुरक्षित वातावरण में रखें।
पैकिंग पर नहीं मिली मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट
फूड सेफ्टी टीम की जांच में पैकिंग से जुड़ी एक और गंभीर कमी सामने आई। दुकानों पर मिले उत्पादों के पैकेट पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट छपी थी और न ही एक्सपायरी डेट दर्ज थी।
पैकिंग पर इन तारीखों का होना ग्राहकों के लिए बेहद जरूरी है। इससे उपभोक्ता यह जान सकते हैं कि खाद्य उत्पाद कब तैयार किया गया और उसका इस्तेमाल कब तक सुरक्षित है। तारीखों की जानकारी नहीं होने पर ग्राहक उत्पाद की ताजगी और उपयोग की अवधि का सही आकलन नहीं कर पाते।
त्योहारों के बीच खाद्य सुरक्षा पर सवाल
दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान मिठाई, चॉकलेट और बेकरी उत्पादों की खरीदारी बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग बाजार से पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते हैं। ऐसे में दुकानों पर स्वच्छता और पैकेजिंग नियमों का पालन करना जरूरी है।
रावत मिष्ठान भंडार की दोनों दुकानों पर जांच के दौरान सामने आई कमियों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि टीम ने कितने उत्पादों के नमूने लिए, कितनी मात्रा में सामान जब्त किया या दुकानों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की गई। फिलहाल जांच में सामने आई गंदगी और पैकिंग पर जरूरी तारीखों की अनुपस्थिति इस कार्रवाई के प्रमुख बिंदु रहे।

