Samachar Nama
×

विदेश में जॉब का झांसा देकर भारतीय युवाओं को बनाया जा रहा था साइबर गुलाम, पांच आरोपी गिरफ्तार

विदेश में जॉब का झांसा देकर भारतीय युवाओं को बनाया जा रहा था साइबर गुलाम, पांच आरोपी गिरफ्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीय युवाओं से साइबर ठगी कराने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच एजेंसियों ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गैंग युवाओं को विदेश भेजकर उनके पासपोर्ट और पहचान पत्र जब्त कर लेता था और फिर उन्हें साइबर स्कैम सेंटर में काम करने के लिए मजबूर करता था।

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लाओस, कंबोडिया, वियतनाम और म्यांमार में संचालित साइबर स्कैम सेंटर से जुड़ा हुआ था। यहां भारतीय युवाओं से ऑनलाइन ठगी के काम कराए जाते थे। युवाओं को आकर्षक नौकरी और अच्छी सैलरी का लालच देकर विदेश ले जाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, विदेश पहुंचने के बाद युवाओं की स्थिति बदल जाती थी। गिरोह के लोग उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे, जिससे वे वापस नहीं लौट पाते थे। इसके बाद उन्हें साइबर अपराधों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था।

आरोप है कि इन साइबर स्कैम सेंटरों में युवाओं से फर्जी ऑनलाइन निवेश, डिजिटल फ्रॉड और अन्य साइबर ठगी की वारदातें कराई जाती थीं। इस तरह यह नेटवर्क भारतीय युवाओं को साइबर अपराध की दुनिया में धकेल रहा था।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेशों में सक्रिय साइबर ठगी के ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाले ऐसे फर्जीवाड़ों से युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी एजेंट के जरिए विदेश जाने से पहले कंपनी, नौकरी और वीजा प्रक्रिया की पूरी जांच करनी चाहिए।

जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि गिरोह ने अब तक कितने भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाया है और कितनी साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया गया है।

यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर विदेश में रोजगार के नाम पर होने वाले मानव तस्करी और साइबर अपराध के गठजोड़ पर सवाल खड़े हो गए हैं। एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।

Share this story

Tags