Samachar Nama
×

नरेश मीणा के खिलाफ 8 धाराओं में FIR, वीडियो में बोले- पंचायत चुनाव के बीच सरकार हमें जेल भेजना चाहती है

नरेश मीणा के खिलाफ 8 धाराओं में FIR, वीडियो में बोले- पंचायत चुनाव के बीच सरकार हमें जेल भेजना चाहती है

राजस्थान में किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ बारां जिले के छबड़ा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों को धमकाने समेत आठ धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले को लेकर कृषि उपनिदेशक ने जिला कलेक्टर को शिकायत भेजी थी। नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के बीच सरकार उन्हें जेल भेजना चाहती है, लेकिन इससे उनकी लड़ाई कमजोर नहीं होगी। उनके मुताबिक, जेल जाने के बाद भी जनता उनका साथ देगी और पंचायत राज चुनाव में हाथी चुनाव चिह्न पर वोट देकर उनका बोर्ड बनाएगी।

‘जनता की आवाज उठाने पर दर्ज होते हैं मुकदमे’

नरेश मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ यह पहला मुकदमा नहीं है। उनका दावा है कि अब तक सरकार उनके खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे दर्ज करा चुकी है और उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं और लोगों के हक के लिए संघर्ष करते हैं, तब उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं।किसान नेता ने कहा कि मुकदमों के जरिए उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है, ताकि वह जनता की आवाज नहीं उठाएं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई से वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही।

पिपलौदी में बच्चों की मौत के मामले का भी किया जिक्र

नरेश मीणा ने अपने बयान में पिपलौदी में बच्चों की मौत की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों की मदद करने और उनके लिए आंदोलन करने के कारण उन्हें बिना किसी कारण के 45 दिन तक जेल में रखा गया था। उनके अनुसार, वह इस मामले में पीड़ित परिवारों की मदद और उनकी आवाज उठाने के लिए आगे आए थे।उन्होंने दावा किया कि जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने के कारण उन्हें बार-बार कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। नरेश मीणा ने कहा कि जेल जाने के बावजूद जनता के बीच उनकी पकड़ बनी रहेगी और पंचायत राज चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।

पंचायत चुनाव के बीच राजनीतिक हलचल तेज

नरेश मीणा के खिलाफ एफआईआर ऐसे समय दर्ज हुई है, जब पंचायत राज चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने एफआईआर को अपने खिलाफ दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है।फिलहाल, एफआईआर में दर्ज सभी धाराओं, शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई के विस्तृत आधिकारिक ब्योरे की पुष्टि आवश्यक है। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

Share this story

Tags