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तरंग शक्ति-2026 में भारत, अमेरिका, फ्रांस और रूस के फाइटर जेट्स ने भरी उड़ान, वीडियो में राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध का दायरा बढ़ा

तरंग शक्ति-2026 में भारत, अमेरिका, फ्रांस और रूस के फाइटर जेट्स ने भरी उड़ान, वीडियो में राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध का दायरा बढ़ा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में शनिवार को युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 के दौरान भारत, अमेरिका, फ्रांस और रूस के लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरकर अपनी हवाई ताकत का प्रदर्शन किया। इससे पहले सारंग और प्रचंड जैसे हेलिकॉप्टरों की टीमों ने आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों को रोमांचित किया। इस युद्धाभ्यास में भारत अपने स्वदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म की क्षमता और आधुनिक युद्ध के लिए अपनी तैयारियों को दुनिया के सामने रख रहा है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी बदलावों और हथियारों के इस्तेमाल के नए क्षेत्रों के विस्तार के कारण युद्ध पहले से अधिक जटिल होते जा रहे हैं। अब युद्ध केवल थल, समुद्र और वायु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम और सूचना क्षेत्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अचानक हमले और अनिश्चितता बनी नई चुनौती

राजनाथ सिंह ने कहा कि अचानक होने वाले हमले और गहरी अनिश्चितता अब ‘न्यू नॉर्मल’ बन गए हैं। ऐसे हालात में सशस्त्र बलों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र समूहों का बढ़ता प्रभाव सुरक्षा के सामने एक बड़ी चुनौती है।रक्षा मंत्री के मुताबिक, अब युद्ध का स्वरूप केवल पारंपरिक सैन्य मोर्चों तक सीमित नहीं है। युद्धक्षेत्र के साथ-साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों, रणनीतिक रूप से अहम समुद्री क्षेत्रों और संवेदनशील समुद्री संकरे रास्तों यानी चोक पॉइंट्स का भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में सैन्य तैयारियों के साथ तकनीकी क्षमता, खुफिया जानकारी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल भी जरूरी हो गया है।

स्वदेशी सैन्य ताकत का प्रदर्शन

तरंग शक्ति-2026 में भारत अपने स्वदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म की क्षमताओं को प्रदर्शित कर रहा है। इसमें भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड और एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।तेजस भारतीय वायुसेना की स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। वहीं, प्रचंड को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य अभियानों के लिए विकसित किया गया है। ध्रुव हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल विभिन्न सैन्य और सहायक भूमिकाओं में किया जाता है। इन प्लेटफॉर्म के जरिए भारत अपनी रक्षा तकनीक और स्वदेशी निर्माण क्षमता को प्रदर्शित कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सैन्य तैयारी पर जोर

युद्धाभ्यास में विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की भागीदारी से हवाई अभियानों में समन्वय और आधुनिक सैन्य क्षमताओं के प्रदर्शन को महत्व मिला। ऐसे अभ्यासों में अलग-अलग देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और तकनीकी क्षमताओं को समझने का अवसर मिलता है।राजनाथ सिंह के संबोधन से स्पष्ट हुआ कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत के लिए आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सभी क्षेत्रों में सैन्य तैयारी मजबूत करना महत्वपूर्ण है। तरंग शक्ति-2026 इसी दिशा में भारत की हवाई शक्ति और रक्षा क्षमताओं को सामने रखने वाला प्रमुख आयोजन है।

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