आग और धुएं के बीच मरीजों को लेकर बाहर बैठे रहे परिजन, अस्पताल के बाहर गुजरी डरावनी रात
अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों के सामने अचानक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई। जिन मरीजों को ऑक्सीजन, लगातार निगरानी या नियमित चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत थी, उनके परिजन उन्हें लेकर अस्पताल के बाहर बैठने को मजबूर हो गए। आग और धुएं के बीच अस्पताल से बाहर निकलना परिवारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की गई। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उनके परिजन संभालते नजर आए। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत थी, ऐसे में परिवारों की चिंता और बढ़ गई। अस्पताल के बाहर मौजूद लोग लगातार अपने मरीज की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
कई परिवारों के लिए वह रात बेहद मुश्किल भरी रही। एक तरफ अस्पताल में लगी आग और धुएं का डर था, तो दूसरी तरफ मरीज की तबीयत को लेकर चिंता सता रही थी। परिजन यह सोचकर परेशान थे कि अस्पताल से बाहर रहने के दौरान मरीजों को समय पर दवा, ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सा सुविधा कैसे मिलेगी।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर काफी देर तक लोगों की भीड़ बनी रही। परिजन अपने मरीजों के लिए सुरक्षित जगह तलाशते रहे और चिकित्सकीय मदद मिलने का इंतजार करते रहे। कुछ परिवारों ने रात अस्पताल के बाहर ही गुजारी।
आग की घटना ने अस्पतालों में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने और गंभीर मरीजों के लिए वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्था की जरूरत को भी सामने ला दिया है। ऐसे मामलों में ऑक्सीजन सपोर्ट और लगातार निगरानी वाले मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।
फिलहाल आग लगने की घटना के कारणों और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच लंबे समय तक भय और चिंता का माहौल बना रहा।

