राजस्थान में 'फर्जी पार्सल स्कैम' का खुलासा: ऑनलाइन ऑर्डर के बाद साइबर ठगों तक पहुंचा डेटा, वीडियो में जाने नकली COD पार्सल भेजकर कर रहे ठगी
राजस्थान में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों को निशाना बनाकर ठगी का नया तरीका सामने आया है। साइबर ठग ग्राहकों के पुराने ऑनलाइन ऑर्डर की जानकारी हासिल कर उसी नाम, पते और मोबाइल नंबर पर फर्जी कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) पार्सल भेज रहे हैं। पहली नजर में पार्सल बिल्कुल असली लगता है, लेकिन खोलने पर उसमें बेहद सस्ता सामान या बेकार वस्तुएं निकलती हैं।
कैसे सामने आया पूरा स्कैम?
इस स्कैम की पड़ताल के लिए अलग-अलग ऑनलाइन शॉपिंग ऐप से कुछ सामान ऑर्डर किए गए। कुछ दिनों बाद वही नाम, पता और मोबाइल नंबर साइबर ठगों तक पहुंच गए। इसके बाद उन्हीं विवरणों का इस्तेमाल कर ठगों ने हूबहू असली जैसे दिखने वाले फर्जी COD पार्सल भेजने शुरू कर दिए। किसी पार्सल में कपूर की गोलियां थीं, तो किसी में बेहद कम कीमत का सामान रखा गया था।
3-4 बार भेजे गए फर्जी पार्सल
यह घटना एक बार नहीं, बल्कि तीन से चार बार दोहराई गई। सभी पार्सल कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) के थे, ताकि ग्राहक डिलीवरी के समय भुगतान कर दे।डिलीवरी के लिए आने वाले युवकों से बातचीत रिकॉर्ड की गई और साइबर विशेषज्ञों की मदद से पूरे नेटवर्क और इसकी कार्यप्रणाली को समझने की कोशिश की गई।
पुराने ऑर्डर की जानकारी का उठा रहे फायदा
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस ऑर्डर का हवाला देकर पार्सल भेजा गया था, उसकी डिलीवरी लगभग 15 दिन पहले ही हो चुकी थी।जब संबंधित ऑनलाइन शॉपिंग ऐप पर ऑर्डर हिस्ट्री चेक की गई, तो उस नाम से कोई नया ऑर्डर मौजूद नहीं था। इससे साफ हुआ कि ठग पुराने ऑर्डर की जानकारी का इस्तेमाल कर ग्राहकों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे काम करता है यह स्कैम
ठगों की रणनीति यह होती है कि ग्राहक को उसके पुराने ऑर्डर की जानकारी होने के कारण शक न हो और वह बिना जांच किए COD का भुगतान कर पार्सल ले ले।हालांकि, इस मामले में पार्सल स्वीकार करने से पहले ऑर्डर की पुष्टि की गई और फर्जी पार्सल को वापस लौटा दिया गया।
ऑनलाइन खरीदारी करने वाले रखें ये सावधानियां
- किसी भी COD पार्सल को लेने से पहले अपना ऑर्डर हिस्ट्री जरूर जांचें।
- यदि आपने ऑर्डर नहीं किया है, तो भुगतान करने से पहले पार्सल की पुष्टि करें।
- अनजान या संदिग्ध पार्सल मिलने पर उसे स्वीकार न करें।
- ऐसी घटना होने पर संबंधित ई-कॉमर्स कंपनी और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
- अपनी निजी जानकारी और OTP किसी के साथ साझा न करें।

