डिप्टी सीएम के नाम पर फर्जी कॉल कर तबादले कराने का खेल, नर्सिंग ऑफिसर पर गंभीर आरोप
राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में तबादलों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल के एक नर्सिंग ऑफिसर पर आरोप है कि उसने मनचाही पोस्टिंग दिलाने के लिए उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम का इस्तेमाल करते हुए विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया और फर्जी कॉल के जरिए तबादले कराने की कोशिश की।
डिप्टी सीएम के नाम से की गई फर्जी कॉल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी नर्सिंग ऑफिसर ने विभाग के अधिकारियों को फोन कर खुद को या अपने संपर्क को उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से जुड़ा बताते हुए कुछ कर्मचारियों के पक्ष में तबादले और पोस्टिंग के लिए दबाव बनाया। मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
मनचाही पोस्टिंग दिलाने का आरोप
आरोप है कि फर्जी कॉल के माध्यम से अधिकारियों को प्रभावित कर कुछ कर्मचारियों को उनकी पसंद के स्थानों पर पोस्टिंग दिलाने का प्रयास किया गया। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विभागीय जांच के आदेश
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है। संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है और कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
प्रशासन में मचा हड़कंप
डिप्टी सीएम जैसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के नाम का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर दबाव बनाने की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जीवाड़े के नेटवर्क की भी जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस पूरे मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे कितने मामलों में इस तरह का दबाव बनाया गया।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
यह मामला सरकारी तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था में राजनीतिक नामों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

