नागौर में विस्फोटक कांड: सुलेमान का अवैध किला ढहाने और सप्लायरों की गिरफ्तारी की तैयारी
राजस्थान के नागौर जिले में पिछले महीने हरसौर गांव में मिले विस्फोटक मामले में अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में 24 जनवरी को 9 हजार 550 किलो विस्फोटक बरामद किया गया था, जिसे लेकर जिले के प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य सड़क से करीब 4 किलोमीटर दूर, सुनसान इलाके में स्थित सुलेमान खान का अवैध किला अब ढहाया जाएगा। यह किला ऊंची दीवारों से घिरा हुआ था और पुलिस के अनुसार, विस्फोटक छुपाने और अवैध गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।
वहीं, इस मामले में सुलेमान के साथियों पर भी कार्रवाई तेज हो गई है। सुलेमान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले चार आरोपियों को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नर्सिंगकर्मी भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने अन्य संभावित लोगों के नाम भी उजागर किए हैं, जिनके involvement की जांच पुलिस कर रही है।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार, अब पुलिस उन नामों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई के दौरान जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सभी संभावित खतरनाक क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस का कहना है कि सुलेमान और उसके साथी नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करना प्राथमिकता है। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि सुलेमान का किला सिर्फ एक ठिकाना था, जबकि पूरे सप्लाई और संग्रहण का जाल और भी व्यापक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में हुई गिरफ्तारी और अवैध किले के ध्वस्तीकरण से नागौर जिले में संभावित विस्फोटक घटनाओं पर रोक लग सकेगी। इसके साथ ही प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि अवैध गतिविधियों पर किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने नागौर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोटक की इतनी बड़ी मात्रा के साथ सुलेमान का किला कई महीनों से सक्रिय था, इसलिए इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए इलाके में लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस जिले में शांति बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सुलेमान और उसके सहयोगियों के खिलाफ और भी गंभीर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

