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जयपुर में ट्रैफिक जाम से राहत की कोशिश, गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे का कट बंद; न्यू आतिश मार्केट में बढ़ा दबाव

जयपुर में ट्रैफिक जाम से राहत की कोशिश, गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे का कट बंद; न्यू आतिश मार्केट में बढ़ा दबाव

जयपुर में न्यू सांगानेर रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के लिए यातायात पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। गोपालपुरा बाईपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे के कट को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है। इस कट से प्रतिदिन करीब 2 लाख वाहन गुजरते हैं। कट बंद होने के बाद अब मानसरोवर और गोपालपुरा बाईपास के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को दूसरे रास्तों से यू-टर्न लेकर निकलना पड़ रहा है।

इस बदलाव का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव को कम करना है, लेकिन वैकल्पिक रास्तों पर भी वाहनों की आवाजाही बढ़ने लगी है। खासकर न्यू आतिश मार्केट में पार्किंग की समस्या, अतिक्रमण और संकरी सड़कें नई यातायात व्यवस्था के सामने चुनौती बन रही हैं।

एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लगते हैं 10 मिनट

न्यू सांगानेर रोड पर मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से न्यू आतिश मार्केट तक करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को कई बार 10 मिनट तक लग जाते हैं। ट्रैफिक कट और वाहनों के लगातार दबाव के कारण इस हिस्से में यातायात प्रभावित रहता है। पीक आवर में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है।

सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ने से लोगों को धीमी रफ्तार से आगे बढ़ना पड़ता है। इस मार्ग पर रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए थोड़ी दूरी तय करना भी परेशानी का कारण बन रहा है।

गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे का कट बंद

यातायात दबाव कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गोपालपुरा बाईपास स्थित गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे के कट पर बैरिकेडिंग कर दी है। इस कट के बंद होने से अब मानसरोवर से गोपालपुरा बाईपास की ओर जाने और वहां से मानसरोवर आने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

वाहन चालकों को पंडित टीएन मिश्रा मार्ग और न्यू आतिश मार्केट के कट से यू-टर्न लेकर आगे बढ़ना पड़ रहा है। इससे कुछ वाहनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। वहीं, वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने से नई समस्याएं भी सामने आ रही हैं।

न्यू आतिश मार्केट में पार्किंग और अतिक्रमण बड़ी चुनौती

नई व्यवस्था के सामने न्यू आतिश मार्केट की सड़कें सबसे बड़ी चुनौती बन रही हैं। यहां पार्किंग के लिए जगह की कमी, सड़क किनारे अतिक्रमण और संकरी सड़कें वाहनों की आवाजाही को प्रभावित करती हैं। यू-टर्न लेने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बनने की आशंका भी रहती है।

अगर वैकल्पिक मार्गों पर पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ट्रैफिक कट बंद करने से मिलने वाली राहत सीमित रह सकती है। इसके लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के साथ अवैध पार्किंग पर नियंत्रण और यातायात प्रबंधन जरूरी होगा।

नई व्यवस्था की सफलता वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर

गंगा-जमुना पेट्रोल पंप तिराहे का कट बंद करने का फैसला ट्रैफिक दबाव घटाने के उद्देश्य से लिया गया है। लेकिन इस बदलाव का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों की आवाजाही कितनी आसानी से संचालित हो पाती है।

मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से न्यू आतिश मार्केट तक यातायात सुचारु करने के लिए कट प्रबंधन के साथ पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और पीक आवर में ट्रैफिक नियंत्रण पर भी ध्यान देना होगा। तभी वाहन चालकों को रोजाना लगने वाले जाम से प्रभावी राहत मिल सकेगी।

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