लाडो प्रोत्साहन योजना की तीसरी किस्त को लेकर शिक्षा विभाग पर सुस्ती के आरोप, भुगतान में देरी से लाभार्थी परेशान
राज्य सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल लाडो प्रोत्साहन योजना की तीसरी किस्त के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग की सुस्ती सामने आई है। समय पर राशि जारी नहीं होने से लाभार्थी परिवारों में असंतोष और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
यह योजना बालिकाओं के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
भुगतान में देरी से लाभार्थी परेशान
तीसरी किस्त के भुगतान में देरी के कारण कई लाभार्थी परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पहले की किस्तें समय पर मिलने से राहत मिली थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया धीमी पड़ने से योजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस देरी को लेकर अधिक असंतोष देखने को मिल रहा है, जहां लाभार्थियों को योजना की राशि पर काफी हद तक निर्भरता रहती है।
शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर देरी हो रही है। दस्तावेजों के सत्यापन और डाटा अपडेट की प्रक्रिया धीमी होने को इसकी एक प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
हालांकि विभागीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि सभी लाभार्थियों का डाटा जांचा जा रहा है और जल्द ही भुगतान प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य और महत्व
लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देना और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर भुगतान इस तरह की योजनाओं की सफलता के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे लोगों का विश्वास बना रहता है।
पारदर्शिता और गति की मांग
लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जाए। साथ ही, तकनीकी प्रणाली को मजबूत कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उनका कहना है कि यदि समय पर किस्तें नहीं मिलतीं, तो योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

