डूंगरपुर पुलिस ने सड़क हादसों पर रोक लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस केवल कार्रवाई पर नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने पर जोर दे रही है।
मनीष कुमार ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस की प्राथमिकता सिर्फ चालान काटना नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोककर लोगों की जिंदगी बचाना है। उन्होंने कहा कि कई हादसे केवल लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं।
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान में लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
एसपी मनीष कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। यदि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे तो सड़क हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है।
अभियान के दौरान पुलिस टीम वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के साथ सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक कर रही है। कई जगहों पर पंपलेट वितरण और जनसंवाद कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि केवल जुर्माना लगाने के बजाय जागरूकता बढ़ाने से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के लिए लगातार जागरूकता अभियान जरूरी हैं, क्योंकि अधिकांश दुर्घटनाएं मानवीय गलती के कारण होती हैं। खासकर युवाओं में सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
फिलहाल डूंगरपुर पुलिस का यह अभियान जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी।

