धौलपुर जिले की विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने एक बहुचर्चित मामले में आरोपी को आखिरी सांस तक की सजा (मृत्युदंड) सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी को 31,500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
कोर्ट का आदेश और पीड़ित को राहत
कोर्ट ने आदेश दिया कि ‘पीड़ित प्रतिकार स्कीम’ के तहत पीड़ित नाबालिग को 5 लाख रुपए दिए जाएं। यह राशि पीड़ित और उसके परिवार की आर्थिक मदद और मानसिक पुनर्वास के लिए दी जाएगी।
मामला और कानूनी प्रक्रिया
यह मामला समाज और प्रशासन में लंबे समय तक चर्चा में रहा। पॉक्सो कोर्ट ने जांच और सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्यों और गवाहों की गहन समीक्षा की। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सजा सुनाई।
सामाजिक और न्यायिक प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सख्त सजा सामाजिक चेतना और न्याय प्रणाली में विश्वास बढ़ाती है। यह निर्णय नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए एक चेतावनी भी है।
आगे की प्रक्रिया
आरोपी अब सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है। वहीं, पीड़ित परिवार को आर्थिक और मानसिक सहायता देने के लिए प्रशासन की ओर से उपाय किए जाएंगे।

