धौलपुर नगर परिषद चुनाव रिजल्ट: कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, वीडियो में जानें बहुमत से 4 सीट दूर; 19 निर्दलीय बने किंगमेकर
धौलपुर नगर परिषद के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद शहर की सियासत में जोड़-तोड़ का दौर शुरू होने की संभावना है। 60 वार्डों वाली नगर परिषद में बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है, लेकिन कोई भी राजनीतिक दल इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी है, लेकिन उसे बहुमत से चार सीटें कम मिली हैं।
कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे आगे
चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 27 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा को 11 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा के तीन प्रत्याशी विजयी रहे।
सबसे महत्वपूर्ण स्थिति निर्दलीय उम्मीदवारों की है। कुल 19 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। ऐसे में नगर परिषद का अगला बोर्ड बनाने में निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
कांग्रेस को बहुमत के लिए चार और पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में उसकी नजर अब निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी। दूसरी ओर भाजपा भी बोर्ड गठन के समीकरणों में अपनी भूमिका तलाश सकती है।
31 सीटों का आंकड़ा किसी के पास नहीं
धौलपुर नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। बोर्ड गठन के लिए किसी भी दल को कम से कम 31 पार्षदों का समर्थन चाहिए। चुनाव परिणाम में कांग्रेस 27 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। भाजपा और बसपा भी बहुमत से काफी दूर हैं।
ऐसे में अब निर्दलीय पार्षदों के रुख पर सभी की नजरें टिक गई हैं। आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षद किस दल के साथ जाते हैं, इसी आधार पर नगर परिषद में बोर्ड का गठन तय हो सकता है।
9 सितंबर को हुआ था मतदान
धौलपुर नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए 9 सितंबर को मतदान कराया गया था। इसके बाद सोमवार को मतगणना हुई। शहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई, जो आठ राउंड तक चली।
मतगणना के दौरान अलग-अलग वार्डों के परिणाम सामने आते रहे। सभी 60 वार्डों के नतीजे घोषित होने के बाद नगर परिषद की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। किसी भी दल के पास अपने दम पर बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है।
निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी
धौलपुर में यह पहली बार नहीं है जब नगर परिषद में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इस बार भी सत्ता की चाबी निर्दलीय पार्षदों के हाथ में पहुंच गई है। 19 निर्दलीय पार्षदों की संख्या इतनी अधिक है कि वे बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने 27 पार्षदों के साथ बहुमत का आंकड़ा हासिल करने की है। वहीं भाजपा भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से समीकरण बदलने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में धौलपुर नगर परिषद में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है और सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि निर्दलीय पार्षद किसके साथ जाते हैं।

