राजस्थान पंचायत चुनाव में 6 नवंबर की धनतेरस का अड़ंगा; 3605 पंचायतों की तारीख बदलने की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने धनतेरस के दिन मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि धनतेरस के दिन सरकारी अवकाश नहीं होता है। चुनाव का कैलेंडर तैयार करते समय भी इस बात को ध्यान में रखा गया था कि धनतेरस सरकारी छुट्टी का दिन नहीं है। ऐसे में इस दिन मतदान कराने में किसी तरह की प्रशासनिक बाधा नहीं है।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि धनतेरस के दिन बाजारों में खरीदारी का विशेष महत्व होता है। लोग दिन के समय बाजारों में खरीदारी करते हैं, जबकि शाम के समय घरों में धनतेरस की पूजा की जाती है। उनके मुताबिक मतदान के लिए ज्यादा समय भी नहीं लगता, इसलिए लोगों के लिए मतदान और त्योहार की तैयारियों के बीच संतुलन बनाना संभव है।
उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीख तय करते समय अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। इसमें सरकारी अवकाश, प्रशासनिक व्यवस्थाएं और मतदान की प्रक्रिया जैसे विषय शामिल होते हैं। धनतेरस को सरकारी छुट्टी नहीं होने के कारण चुनाव कार्यक्रम तैयार करते समय इसे सामान्य कार्यदिवस के तौर पर देखा गया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के बयान के बाद धनतेरस के दिन मतदान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्थिति साफ होने की उम्मीद है। आमतौर पर धनतेरस पर बाजारों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। सोना, चांदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू वस्तुओं की खरीदारी को इस दिन शुभ माना जाता है।
राजेश्वर सिंह ने यह भी कहा कि मतदान की प्रक्रिया में बहुत अधिक समय नहीं लगता। ऐसे में मतदाता अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी और मतदान दोनों कर सकते हैं। चुनाव आयोग का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।
धनतेरस के दिन मतदान होने की स्थिति में प्रशासन के सामने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की भी जिम्मेदारी होगी। बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ अधिक रहने की संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होंगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक चुनाव कार्यक्रम पहले से निर्धारित प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है और इसमें धनतेरस को सरकारी अवकाश नहीं होने के तथ्य को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार के दिन मतदान होने से मतदाताओं के लिए कोई बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मतदान के लिए निर्धारित समय में लोग अपनी सुविधा के अनुसार वोट डाल सकते हैं।
अब धनतेरस के दिन मतदान को लेकर मतदाताओं के बीच भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। निर्वाचन आयोग की ओर से लोगों से अपील रहेगी कि वे त्योहार की तैयारियों के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना भी सुनिश्चित करें।

