सरपंच चुनाव में खर्च की सीमा के बावजूद करोड़ों की दावतें! गांवों में महीनेभर से चल रहा जश्न, शराब और डोडा परोसने के आरोप
राजस्थान में सरपंच चुनाव को लेकर गांवों में एक महीने पहले से ही उत्सवी माहौल बना हुआ है। चुनाव प्रचार के बीच प्रत्याशियों की ओर से बड़े पैमाने पर खर्च किए जाने के दावे सामने आ रहे हैं। आरोप है कि चुनाव में खर्च की एक लाख रुपए की तय सीमा के बावजूद कुछ प्रत्याशी 4-4 करोड़ रुपए तक खर्च कर रहे हैं। गांवों में महीनेभर से दावतों का दौर चल रहा है। इन आयोजनों में पकवानों के साथ शराब और अफीम डोडा भी खुलेआम परोसे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
चुनाव के दौरान गांवों में प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के आयोजन कर रहे हैं। कई जगह दावतों के जरिए लोगों को जुटाया जा रहा है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की बात कही जा रही है। चुनावी माहौल के बीच खाने-पीने की व्यवस्था पर भी जमकर पैसा खर्च किए जाने के दावे किए जा रहे हैं।
एक लाख की सीमा और करोड़ों के खर्च के दावे
सरपंच चुनाव में प्रत्याशियों के लिए खर्च की एक लाख रुपए की सीमा तय होने की बात कही गई है। इसके बावजूद कुछ प्रत्याशियों पर इस सीमा से कई गुना ज्यादा खर्च करने के आरोप हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ उम्मीदवार चुनाव में 4-4 करोड़ रुपए तक खर्च कर रहे हैं। हालांकि, इन खर्चों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि और जांच का विवरण सामने नहीं आया है।
दावतों में शराब और अफीम डोडा परोसने के आरोप
गांवों में चल रही दावतों को लेकर शराब और अफीम डोडा परोसने के आरोप भी सामने आए हैं। चुनाव से पहले इस तरह के आयोजनों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह चुनाव आचार संहिता और खर्च सीमा के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई, जब्ती या आधिकारिक जांच का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च करने और दावतों में नशीले पदार्थ परोसने से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है।

