राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत से हड़कंप: वीडियो में देंखे भीलवाड़ा में 6 दिन में 5 मौतें, बांसवाड़ा में 2 घंटे में 2 महिलाओं ने तोड़ा दम
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में पिछले छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इसी बीच अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच (कल्चर टेस्ट) रिपोर्ट भी पॉजिटिव आने से मामला और गंभीर हो गया है। वहीं, बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भी शुक्रवार सुबह महज दो घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
भीलवाड़ा में छह दिन में पांच प्रसूताओं की मौत
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल स्थित एमसीएच में जिन पांच महिलाओं की मौत हुई, उनकी सिजेरियन (सी-सेक्शन) डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया।हालांकि, इलाज के दौरान सभी प्रसूताओं ने दम तोड़ दिया। लगातार हो रही मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
ऑपरेशन थिएटर की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
मामले के बीच अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच (कल्चर टेस्ट) रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की मौजूदगी मरीजों के लिए खतरा बन सकती है।हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रसूताओं की मौत का सीधा संबंध संक्रमण से है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
बांसवाड़ा में भी दो घंटे में दो मौतें
उधर, बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल से भी चिंताजनक खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह करीब दो घंटे के अंतराल में दो प्रसूताओं की मौत हो गई।लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसव के बाद मिलने वाली चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के बाद सामने आएगी मौत की वजह
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दोनों मामलों की विस्तृत जांच कराई जा रही है। विशेषज्ञों की टीम मौत के कारणों, ऑपरेशन थिएटर की स्थिति और इलाज की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी।यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या संक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
लगातार हो रही प्रसूताओं की मौतों ने सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और मरीजों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

