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जयपुर में साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार; वीडियो में देंखे स्टूडेंट्स के बैंक खाते किराए पर लेकर करते थे ठगी की रकम का लेन-देन

जयपुर में साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, दो शातिर गिरफ्तार; वीडियो में देंखे स्टूडेंट्स के बैंक खाते किराए पर लेकर करते थे ठगी की रकम का लेन-देन

राजधानी जयपुर में साइबर फ्रॉड के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कमीशन का लालच देकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों के बैंक खाते किराए पर लेते थे और उनमें साइबर ठगी से हासिल रकम ट्रांसफर करवाते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। साथ ही उनके बैंक खातों में मौजूद करीब 5 लाख रुपए की राशि फ्रीज करवाई गई है।

'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत यह कार्रवाई की गई है।पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक रिकॉर्ड और साइबर पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों में साइब अपराध से जुड़ी कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आईं।

1930 पोर्टल पर मिली 13 साइबर शिकायतें

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की जांच में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज 13 अलग-अलग साइबर शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में करीब 17 लाख रुपए की ठगी की रकम आरोपियों के खातों में पहुंचने की जानकारी सामने आई है।इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरर कर लिया और उनके बैंक खातों की जांच शुरू की।

चाय की थड़ियों पर बनाते थे छात्रों को शिकार

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी जयपुर के पॉश इलाकों में स्थित चाय की थड़ियों पर बैठकर स्कूल और कॉलेज के छात्रों को अपना निशाना बनाते थे।आरोपी छात्रों को बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन देने का लालच देते थे। इसके बाद छात्रों के खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। इस तरह छात्र अनजाने में साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा बन जाते थे।

दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 19 जुलाई को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

  • अरिहंत जैन, निवासी शांतिनगर, दुर्गापुरा
  • युवराज सिंह उर्फ युवी, निवासी मानसरोवर

के रूप में हुई है।

साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की लगातार जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।डीसीपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा कमीशन का लालच देकर बैंक खाते किराए पर लेने जैसे तरीकों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

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