Samachar Nama
×

जयपुर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार; खातों में मिले 17 लाख रुपए के ठगी के लेनदेन

जयपुर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार; खातों में मिले 17 लाख रुपए के ठगी के लेनदेन

राजधानी जयपुर में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक साइबर फ्रॉड गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़े लाखों रुपए का लेनदेन हुआ था। उनके खातों की जांच में साइबर पोर्टल नंबर 1930 पर 13 अलग-अलग शिकायतें दर्ज मिली हैं।

पुलिस के अनुसार, इन शिकायतों में करीब 17 लाख रुपए की ठगी की रकम आरोपियों के बैंक खातों में आने की जानकारी मिली है। मामले में पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

बैंक खातों की जांच में हुआ खुलासा

पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला गया। जांच में पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया गया था।

साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

ठगी की रकम को खातों में मंगवाने का आरोप

पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अपने बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और संदिग्ध बैंक खातों की निगरानी भी की जा रही है।

मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब मोबाइल में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, चैट, बैंकिंग गतिविधियों और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में थे और साइबर ठगी के कितने मामलों में उनकी भूमिका रही है।

पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

जयपुर पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

Share this story

Tags