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राजस्थान में साइबर ठगी का बढ़ता खतरा: 7 साल में 400 गुना बढ़े मामले, 2018 में 3 केस से बढ़कर 1229 तक पहुंचा आंकड़ा

राजस्थान में साइबर ठगी का बढ़ता खतरा: 7 साल में 400 गुना बढ़े मामले, 2018 में 3 केस से बढ़कर 1229 तक पहुंचा आंकड़ा

डिजिटल दौर में ऑनलाइन सुविधाओं के बढ़ने के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में साइबर ठगी के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में साइबर ठगी के मामले करीब 400 गुना तक बढ़ चुके हैं। साल 2018 में जहां साइबर अपराध के सिर्फ 3 मामले दर्ज हुए थे, वहीं अब तक यह संख्या बढ़कर 1229 तक पहुंच गई है।हालांकि, यह आंकड़ा वास्तविक मामलों से काफी कम माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस रिकॉर्ड में केवल उन्हीं मामलों को शामिल किया जाता है, जिनमें बड़ी रकम की ठगी या गंभीर शिकायत दर्ज होती है।

10 लाख से ज्यादा की ठगी के मामले ही दर्ज

साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन ठगी के कई मामले ऐसे होते हैं, जिनमें पीड़ित छोटी रकम गंवाने के बाद शिकायत दर्ज नहीं कराते। वहीं पुलिस में अधिकतर वही केस दर्ज होते हैं, जिनमें ठगी की रकम बड़ी होती है।जानकारी के अनुसार, 10 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी के मामलों को प्रमुखता से दर्ज किया जा रहा है। इसके बावजूद मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।

डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ बढ़े अपराध

मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों ने भी ठगी के नए तरीके अपना लिए हैं। अब ठग फर्जी कॉल, लिंक, निवेश योजनाओं, केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन जॉब और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।साइबर अपराधी लोगों को डराकर या लालच देकर कुछ ही मिनटों में बैंक खातों से लाखों रुपए निकाल लेते हैं।

ठगी के नए तरीके बने चुनौती

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती साइबर अपराधियों तक पहुंचना है। कई बार आरोपी दूसरे राज्यों या विदेशों से बैठकर वारदात को अंजाम देते हैं। फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खाते और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल कर वे जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं।

पुलिस ने बढ़ाई साइबर क्राइम पर निगरानी

साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने साइबर थानों और विशेष टीमों का गठन किया है। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पुलिस लगातार अपील कर रही है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को मजबूत पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली अपनाने और संदिग्ध कॉल या मैसेज से बचने की जरूरत है। राजस्थान में साइबर ठगी के बढ़ते आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि डिजिटल सुरक्षा अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। जैसे-जैसे ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे साइबर अपराधों से निपटने के लिए लोगों की जागरूकता और पुलिस की तकनीकी क्षमता दोनों को मजबूत करना होगा।

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