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अनूपगढ़ के बांडा गांव में साइबर ठगी का भंडाफोड़, फ्री सिम बांटने का था जाल

अनूपगढ़ के बांडा गांव में साइबर ठगी का भंडाफोड़, फ्री सिम बांटने का था जाल

जिले के बांडा गांव में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने जानकारी दी कि कुछ अज्ञात अपराधी गांव में फ्री सिम कार्ड बांटने का झांसा देकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मुख्य सदस्य सुरजीत सिंह नामक युवक है, जो कॉलोनी का रहने वाला है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगी गांव में एक कैम्प लगाकर लोगों को मुफ्त सिम कार्ड देने का दावा कर रहे थे। ग्रामीणों को यह जानकारी आकर्षक लगी और उन्होंने सिम लेने के लिए कैम्प में आने का फैसला किया। लेकिन जैसे ही ग्रामीणों ने सिम कार्ड लिया, आरोपी उनका व्यक्तिगत और बैंक संबंधी डेटा हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।

स्थानीय पुलिस ने तत्काल संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी और जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि सुरजीत सिंह और उसके गिरोह का मकसद लोगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों से धन निकालना था। पुलिस ने बताया कि सुरजीत सिंह पहले भी छोटे-छोटे साइबर अपराधों में संलिप्त पाया गया है और अब वह बड़े स्तर पर ठगी की योजना बना रहा था।

अनूपगढ़ पुलिस ने इस मामले में गांववासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “सिम कार्ड या किसी भी फ्री ऑफर के बहाने कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। सुरजीत सिंह और उसके गिरोह के अन्य सदस्य अब भी हमारी निगरानी में हैं।”

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में साइबर ठग नए-नए तरीके खोजते रहते हैं। मुफ्त ऑफर, सिम कार्ड, ऑनलाइन गेमिंग या फ्री रिचार्ज जैसी चीजों के जरिए वे लोगों को फंसाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी की कमी का फायदा ठग उठाते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

बांडा गांव के ग्रामीणों ने पुलिस की जांच और सतर्कता की सराहना की है। उन्होंने बताया कि सुरजीत सिंह के गिरोह ने कई लोगों को फंसाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की समय पर कार्रवाई से बड़ी ठगी होने से बच गई। ग्रामीण अब मोबाइल और बैंक से संबंधित किसी भी ऑफर के प्रति अधिक सावधान रहने का निर्णय लिया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर फ्री सिम या अन्य ऑफर स्वीकार न करें। यदि किसी को संदेहास्पद गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस थाने को सूचित करें। सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराध हर समय, हर जगह हो सकता है। लोग सतर्क और जागरूक रहें तो ऐसे गिरोहों का शिकार होने से बचा जा सकता है।

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