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राजस्थान में जुलाई में बढ़े अपराध के मामले, वीडियो में जाने कुल 17,893 केस दर्ज, दुष्कर्म में 12.24 फीसदी की सबसे बड़ी बढ़ोतरी

राजस्थान में जुलाई में बढ़े अपराध के मामले, वीडियो में जाने कुल 17,893 केस दर्ज, दुष्कर्म में 12.24 फीसदी की सबसे बड़ी बढ़ोतरी

राजस्थान में जून के मुकाबले जुलाई 2026 में अपराध के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में प्रदेशभर में कुल 17,893 मामले दर्ज हुए, जबकि जून में यह संख्या 16,876 थी। इस तरह एक महीने के भीतर कुल अपराध के मामलों में 1,017 की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशत के लिहाज से जुलाई में अपराध के मामलों में 6.06 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी बालिगों से दुष्कर्म के मामलों में हुई। जून में दुष्कर्म के 343 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि जुलाई में इनकी संख्या बढ़कर 385 हो गई। यानी एक महीने में दुष्कर्म के 42 मामले ज्यादा दर्ज हुए। प्रतिशत के हिसाब से यह 12.24 फीसदी की बढ़ोतरी है। उपलब्ध आंकड़ों में गंभीर अपराधों में यही सबसे बड़ी वृद्धि रही।दुष्कर्म के बाद नकबजनी के मामलों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून की तुलना में जुलाई में नकबजनी के मामलों में 11.44 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं हत्या के मामलों में 6.67 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि एक महीने में कई गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे पुलिस प्रशासन के सामने अपराध नियंत्रण की चुनौती बढ़ी है।

महिला अत्याचार से जुड़े कुल मामलों में भी जुलाई के दौरान वृद्धि हुई। जून की तुलना में जुलाई में महिला अत्याचार के मामलों में 6.49 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि पुलिस जांच के दौरान इन मामलों में बड़ी संख्या में शिकायतें गलत भी पाई गईं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार महिला अत्याचार से जुड़े मामलों में करीब 42 फीसदी मामले जांच के बाद झूठे पाए गए। इन मामलों में पुलिस की ओर से एफआर यानी फाइनल रिपोर्ट पेश की गई।वहीं, जुलाई में कुछ गंभीर अपराधों में कमी भी देखने को मिली। डकैती के मामलों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। जून में प्रदेश में डकैती के 8 मामले दर्ज हुए थे, जबकि जुलाई में यह संख्या घटकर सिर्फ 2 रह गई। इस तरह डकैती के मामलों में 75 फीसदी की कमी आई। संख्या के लिहाज से भी डकैती के मामले 6 कम हुए, जो जुलाई में अपराध की इस श्रेणी में सबसे बड़ी कमी रही।

चोरी के मामलों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। जून की तुलना में जुलाई में चोरी के मामलों में 0.78 फीसदी की कमी आई। हालांकि यह कमी बहुत मामूली रही। वहीं लूट के मामलों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ। जून और जुलाई दोनों महीनों में लूट के 66-66 मामले दर्ज किए गए।पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों से साफ है कि जुलाई में अपराध का कुल ग्राफ जून की तुलना में ऊपर गया है। कुल मामलों में 6.06 फीसदी की वृद्धि के साथ कुछ गंभीर अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है। खासकर दुष्कर्म के मामलों में 42 केस बढ़ना चिंता का विषय है। दूसरी ओर डकैती जैसे अपराधों में 75 फीसदी की कमी पुलिस के लिए राहत की बात है।

आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में दर्ज कुल मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद हर तरह के अपराध का ग्राफ ऊपर नहीं गया। कुछ अपराधों में वृद्धि हुई तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई। अब पुलिस के सामने चुनौती बढ़े हुए अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ महिला अपराध, दुष्कर्म, नकबजनी और हत्या जैसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की है। वहीं जिन मामलों में जांच के बाद आरोप गलत पाए गए, उनमें एफआर पेश की गई है।

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