श्री सांवलियाजी मंढपिया के दानपात्र से 10.65 करोड़ रुपये की गिनती शुरू, पांचवां चरण सोमवार को
मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंढपिया में होली के डेढ़ महीने बाद 2 मार्च, फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी को दानपात्र को कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच खोला गया। मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दानों की गिनती जारी है और सोमवार को गिनती का पांचवां चरण चल रहा है।
दानपात्र खोलने के दिन, मंदिर बोर्ड की CEO प्रभा गौतम, मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विशेष आरती और भोग के बाद भंडार खोला गया। पहले चरण में ही दानपात्र से निकाली गई रकम की गिनती में 10 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि दर्ज की गई।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि गिनती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सिक्योरिटी इंतजाम किए गए हैं। हर चरण में गिनती के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की निगरानी रहती है ताकि दान की राशि सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
विशेषज्ञों और मंदिर प्रशासन का कहना है कि सांवलियाजी मंढपिया का यह दानपात्र भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दान से मंदिर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यों के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता भी सुनिश्चित की जाती है।
श्री सांवलियाजी मंढपिया का दानपात्र मंदिर की आर्थिक स्थिरता और धार्मिक आयोजनों के संचालन के लिए अहम भूमिका निभाता है। प्रशासन और मंदिर बोर्ड के सहयोग से यह प्रक्रिया हर साल पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ संपन्न होती है।
भक्त और आम जनता इस मौके पर मंदिर के पवित्र माहौल में शामिल होने और अपने दानों के माध्यम से सेवा का अनुभव लेने के लिए उत्साहित हैं। गिनती के अगले चरणों में और कितनी राशि सामने आएगी, यह भी मंदिर प्रशासन और भक्तों की निगाहों में है।

