जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार: एसीबी ने राज्यव्यापी छापेमारी, 15 से अधिक ठिकानों पर जांच
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन मामले में मंगलवार सुबह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्यव्यापी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत डीआईजी रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कई जिलों और राज्यों में एक साथ छापेमारी की।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालौर के अलावा बिहार और झारखंड में भी की गई। कुल मिलाकर 15 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की गई और संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए।
एसीबी ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जल जीवन मिशन में कथित भ्रष्टाचार और घोटाले की जांच करना है। टीम ने ऐसे ठिकानों पर फोकस किया, जहां फर्जी बिल, टेंडर और अनुबंध की गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की समानांतर राज्य और बहु-राज्यीय छापेमारी से भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से तथ्य सामने लाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई जनता में पारदर्शिता और सरकारी योजनाओं की जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अब प्रारंभिक चरण में है और संबंधित अधिकारियों और फर्मों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में सुप्रीम लेवल और अंतरराज्यीय सहयोग से जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन और एसीबी अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि जांच प्रक्रिया में बाधा न डालें और यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज या जानकारी है, तो उसे पुलिस और एसीबी को उपलब्ध कराएँ।
इस कार्रवाई ने राजस्थान में जल जीवन मिशन की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी कदमों पर एक स्पष्ट संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों को कानून के अनुसार सख्त दंड दिया जाएगा।

