राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर जारी संशय एक बार फिर गहरा गया है। इस मामले ने एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट का रुख कर लिया है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि कोर्ट के पूर्व आदेशों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2024 में ही प्रदेश के कई पंचायतों और निकायों में सीटें खाली हो गई थीं, लेकिन सरकार लगातार चुनाव टालती रही। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा का हवाला देकर चुनावों में देरी की जा रही है, जो जमीनी हकीकत से दूर है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर चुनाव प्रक्रिया को और लंबित करने का प्रयास कर रही है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और जनता के अधिकारों का हनन है।
इस मामले में कोर्ट के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि आगामी चुनावों को लेकर असमंजस बना हुआ है। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है।
अब देखना होगा कि राजस्थान हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है और राज्य में पंचायत व निकाय चुनाव को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है।

