NEET पेपर लीक के विरोध में जयपुर में कांग्रेस-NSUI का पैदल मार्च, वीडियो में देंखे टीकाराम जूली बोले- छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को जयपुर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत पैदल विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई।यह मार्च गुर्जर की थड़ी चौराहे से शुरू होकर त्रिवेणी नगर चौराहे तक निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया।
टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली कथित गड़बड़ियों से उनकी मेहनत और उम्मीदों पर असर पड़ता है।
डोटासरा बोले- युवाओं के हितों की हो रही अनदेखी
प्रदर्शन में शामिल राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी केंद्र सरकार पर युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध मार्च में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, कांग्रेस विधायक रफीक खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और NSUI के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की।
छात्रों की मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।जयपुर में हुआ यह प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ती चिंता और छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। अब इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित एजेंसियों की अगली प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

